करगहर विधानसभा क्षेत्र से महागठबंधन के पूर्व प्रत्याशी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष शिवशंकर कुशवाहा ने उन्हें राज्यसभा प्रत्याशी घोषित होने पर बधाई दी है। साथ ही जो कहा है कि –
माननीय उपेन्द्र कुशवाहा जी राज्य सभा जा रहे हैं, इसके लिए मेरे तरफ से उन्हें अग्रिम बधाई। हमे जहां तक मालूम है ,ये पद उन्हे शाहाबाद,मगध में एनडीए के लोकसभा में खराब प्रदर्शन के कारण मिलने जा रहा है।लेकिन मेरा मानना है कि इसका वजह उपेन्द्र कुशवाहा बिल्कुल नहीं है सचाई तो ये है कि उपेन्द्र कुशवाहा जी कुशवाहा समाज के लिए अप्रासंगिक हो गए हैं ।उपेन्द्र कुशवाहा जैसे साहस हीन,कमजोर दिल के व्यक्ति लिए इस क्षेत्र का नेतृत्व करना असंभव है।
शाहाबाद तथा मगध के कुशवाहा ने हमेशा से परिवर्तनकारी शक्तियों के साथ रहा है ।इस क्षेत्र में सामंतवादी सोच तथा हर प्रकार के शोषण,जुल्म के खिलाफ, संघर्षों का लंबा इतिहास रहा है।

आजादी पुर्व त्रिवेणी संघ (लगभग1932-33)का गठन कर इस समाज ने सामंती,ब्राह्मणवादी तथा ब्रचस्ववादी शक्तियों का विरोध करने का क्रांतिकारी इतिहास रहा है। हर प्रकार के गैरबराबरी,अंधविश्वास , रूढ़ीवाद का विरोध तथा सम्मानित,समतावादी,समाजवादी व्यवस्था के निर्माण के लिए इस समाज ने सबसे ज्यादा कुर्बानी दिया है। शहीद जगदेव प्रसाद , शहीद जगदीश मास्टर,शहीद ज्योति प्रकाश,शहीद विश्वनाथ सिंह तथा शहीद केशो सिंह इत्यादि इसके मिशाल है।ऐसे शहीदी धरती एवम् समाज का नेतृत्व उपेंद्र कुशवाहा जैसे व्यक्ति कैसे कर सकते हैं?
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उपेन्द्र कुशवाहा जी इस समाज के नेतृत्व के काबिल न कभी थे, ना हैं और न कभी होगें ।
माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी हमेशा कुशवाहा समाज को माननीय उपेन्द्र कुशवाहा के माध्यम से अपना मतलब साधते हैं और कुशवाहा समाज को उल्लु बनाते रहे हैं ।सोचने की बात है पहले भी उपेन्द्र कुशवाजी एवम् श्रीभगवान जी नीतीश जी के साथ थे। ये मौका इनलोगो को पहले भी दिया जा सकता था,नहीं दिया गयाआख़िर क्यों?अब क्यों?



