औरंगाबाद( राजेश रंजन )।गर्मी शुरू होने के साथ ही जिले के बारुण प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में पेयजल की समस्या शुरू हो गई है। पिछले 2 वर्षों से पीएचईडी द्वारा प्रखंड के पंचायतों में कोई भी काम नहीं कराया गया है। इस कारण नल जल योजना भी प्रभावित हुआ है। नल जल की स्थिति भी दयनीय है।
इस मामले को लेकर भोपतपुर, रीयूर, पिपरा, गोठौली, काजीचक, पौथू पंचायत के प्रतिनिधि अपने अपने पंचायतों में नल-जल योजना की खराब स्थिति और पीएचईडी विभाग की निष्क्रियता के खिलाफ सोमवार को डीएम अभिलाषा शर्मा को एक आवेदन दिया। आवेदन में कहा गया है कि प्रखंड के अधिकांश गांवों में नल-जल योजना पूरी तरह से बाधित है। कई स्थानों पर पाइपलाइन खराब हो चुकी है, जिससे घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। वहीं कई गांवों में जलस्तर नीचे चले जाने के कारण मोटर सही ढंग से काम नहीं कर रही है, जिससे पेयजल संकट गहरा गया है। ग्रामीणों को मजबूरन दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि कई गांवों में पानी 30 फीट से भी नीचे चला गया है, जिससे चापाकल भी पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहे हैं। इसके कारण आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और विभाग के प्रति नाराजगी भी बढ़ रही है। मुखिया संघ ने विभाग से मांग की है कि अगले 10 दिनों के भीतर नल-जल योजना की मरम्मत सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि समय पर समस्या का समाधान हो जाएगा तो ग्रामीणों को बहुत फायदा हुआ। इस मौके पर रिउर पंचायत के मुखिया अशोक कुमार सिंह, काजी चक पंचायत का मुखिया उदय कुमार पासवान, गोठौली पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मनोज चौधरी, पौथू पंचायत के मुखिया गणेश राम, पिपरा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि विजय कुमार सिंह, भोपतपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि कमलेश सिंह आदि मौजूद रहे।


