औरंगाबाद, बिहार।
समाधान यात्रा के 25वें दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार औरंगाबाद पहुंचे। औरंगाबाद के बारुण प्रखंड के कंचनपुर पंचायत में पंचायत सरकार भवन का उद्घाटन किया, वहीं वहां लगाए गए प्रदर्शनी और स्टॉल का निरीक्षण किया। स्टॉल के निरीक्षण के दौरान सीटीईटी और एसटीईटी पास अभ्यर्थियों ने जमकर नारेबाजी की। अभ्यर्थियों की मांग थी कि सातवें चरण की शिक्षक बहाली सुनिश्चित की जाए। इसके लिए हाथों में बैनर लेकर अभ्यर्थी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।

इस विरोध प्रदर्शन को देखकर सिंचाई मंत्री विजय चौधरी ने अभ्यर्थियों को समझाया कि जल्द ही बहाली निकाली जायेगी। इसके बाद भी अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। मुख्यमंत्री ने अन्य फरियादियों से भी उनके फरियादों के आवेदन लिया और समाधान का भरोसा दिलाया।
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मुख्यमंत्री से ग्रामीण चिकित्सको ने चिकित्सा मित्र के रूप में बहाली करने, रसोईयों ने मानदेय बढ़ाने, टोला सेवक, तालिमी मरकज स्वयंसेवको ने मानदेय बढ़ाने, आंगनबाडी सेविका-सहायिकाओं ने मानदेय बढ़ाने एवं अन्य ने भी अपनी मांगे रखी। फरियादियों की फरियाद सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्र, कंचनपुर का निरीक्षण किया। केन्द्र पर उपस्थित सीडीपीओ, सेविका एवं सहायिका से बच्चों को दी जानेवाली सुविधाओं की जानकारी ली।
आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से औरंगाबाद जिला समाहरणालय आएं, जहां योजना भवन के सभागार में विभागीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।



