औरंगाबाद (राजेश रंजन)। जिले के अम्बा थाना क्षेत्र के रजपरसा गांव का जवान किशनगंज बंग्लादेश बॉर्डर के समीप शहीद हो गया है। बीएसएफ में कार्यरत जयंत सिंह उर्फ गुड्डू सिंह की मौत की खबर जैसे ही औरंगाबाद पहुंची जिले में शोक की लहर दौड़ गई। शहीद का परिवार औरंगाबाद में ही रहता है। उन्होंने अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गए हैं।
औरंगाबाद जिले के अम्बा थाना क्षेत्र के रजपरसा गांव में बुधवार गुरुवार की दरमियानी रात से ही मातम छाया हुआ है। गांव का लाल जयंत सिंह उर्फ गुड्डू सिंह भारत बांग्लादेश बॉर्डर पर शहीद हो गए । वे बीएसएफ में कार्यरत थे। जहां खुले आसमान में ड्यूटी के दौरान आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए थे। जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वे भारत-बांग्लादेश सीमा पर किशनगंज से लगभग 22 किलोमीटर दूर पश्चिम बंगाल स्थित कुकरोधा बॉर्डर पर तैनात थे।
उनके पिता अर्जुन सिंह बिहार होम गार्ड के जवान रहे हैं। उन्होंने बताया कि जयंत सिंह रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक की ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान अचानक तेज बारिश और बिजली चमकनी शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि ड्यूटी के दौरान वे वज्रपात की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जयंत सिंह की शहादत के बाद पश्चिम बंगाल के उत्तर विनाजपुर जिला स्थित इस्लामपुर में शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरा होने के बाद शव औरंगाबाद के राजपरसा स्थित पैतृक गांव लाया जा रहा है।
परिजनों के अनुसार ड्यूटी पर जाने से ठीक पहले रात करीब 12 बजे उन्होंने अपनी पत्नी मीरा सिंह से फोन पर बात की थी। बुधवार सुबह करीब 6 बजे बीएसएफ बटालियन की ओर से उनकी पत्नी के मोबाइल पर फोन आया। शुरुआत में अधिकारियों ने केवल जयंत सिंह की तबीयत खराब होने की जानकारी दी और उनके बेटे अभिजीत से बात कराने को कहा।
उस समय फोन पर घर में मौजूद छोटे भाई बंटी कुमार ने अधिकारियों से बातचीत की, जिसके बाद उन्हें जयंत सिंह के ऑन ड्यूटी शहीद होने की आधिकारिक सूचना दी गई। जयंत सिंह अपने पीछे पत्नी मीरा सिंह, 16 वर्षीय पुत्र अभिजीत और 15 वर्षीय पुत्री मुस्कान को छोड़ गए हैं। दोनों बच्चे औरंगाबाद रहकर पढ़ाई करते हैं।
शहीद जवान जयंत सिंह का एक मकान औरंगाबाद शहर में भी है। जहां शहादत की सूचना मिलते ही रात से ही लोगों का तांता लग गया। अम्बा थाना क्षेत्र के रजपरसा स्थित पैतृक गांव में भी मातम पसरा हुआ है। परिवार को बीएसएफ अधिकारियों द्वारा बताया गया है कि जयंत सिंह के पार्थिव शरीर को सड़क मार्ग से पटना होते हुए औरंगाबाद लाया जा रहा है।
इसके बाद पूरे सैन्य एवं राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
शहीद जवान जयंत सिंह के पिता अर्जुन सिंह जो कि बिहार होमगार्ड के जवान हैं , बेटे की शहादत पर बताया कि उनका बेटा देश के लिए शहीद हुआ है। लेकिन बेटे को खोने का दर्द उनके चेहरे पर साफ झलक रहा था।
फिलहाल जिले के लोगों को शहीद जयंत सिंह के पार्थिव शरीर का इन्तेजार है।


