हिन्द एक्सप्रेस न्यूज़,औरंगाबाद, बिहार।
पुलिस के चौकन्ना रहने के कारण औरंगाबाद में मुजफ्फरपुर जैसी घटना होते-होते रह गई है। दरअसल किशोरी के प्रेम संबंधों से नाराज दादा दादी और चाचा ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। हत्या मामले में किशोरी के प्रेमी और उसके परिजनों को नामजद करते हुए एफआईआर भी दर्ज करा दिया गया। मामला दलित समाज से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए प्रेमी को जेल भी भेज दिया गया। लेकिन जब मामले की गहराई से छानबीन की गई तो मामला ऑनर किलिंग का निकला।
औरंगाबाद जिले के नवीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम फुटहरवा के उत्तर पोखरा में 23 अगस्त को एक 14 वर्षीय लड़की का शव मिला था। सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के बाद नवीनगर थाना प्रभारी ने तत्काल शव को तालाब से बाहर निकलवाया। जिसकी पहचान कराई गई तो पता चला कि 21 अगस्त को इसी गांव की गीता पासवान नाम की एक महिला ने अपने 14 वर्षीय पुत्री के गायब होने की सूचना दर्ज करवाई थी।
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लड़की का किसी से प्रेम संबंध का मामला चल रहा था। जिसके आधार पर मृत नाबालिग के दादी ने प्रेमी के परिजनों को नामजद अभियुक्त बनाते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। मामला को मुजफ्फरपुर की घटना जैसी तूल ना दिया जाए इसलिए तत्काल नामजद प्रेमी को जेल भेज दिया गया था।
हालांकि इस घटना में परिजनों की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए एसपी स्वप्न गौतम मेश्राम ने एसआईटी का गठन कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी थी। टीम ने तत्काल एक्शन लेते हुए एफएसएल की टीम, डॉग स्क्वायड की टीम और जिला आसूचना इकाई की टीम ने कार्य शुरू कर दिया। शव का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल औरंगाबाद में कराया गया, जहां पर मेडिकल बोर्ड के द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया गया।
इसके बाद मृतका की दादी भागमतिया देवी पति घूरा पासवान के द्वारा 23 अगस्त को एक लिखित आवेदन दिया गया। जिसके आधार पर नवीनगर थाना कांड संख्या 220/ 24 में हत्या,पोक्सो और एससी एसटी एक्ट समेत धाराओं के तहत दर्ज कराया गया।
जिसके आधार पर फुटहरवा ग्राम के ही प्रेमी विवेक चौहान, उसका भाई अशोक चौहान और उसकी मां उर्मिला देवी को नामजद अभियुक्त बनाया गया।
इस सम्बंध में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर 01 संजय कुमार पांडे ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि विवेक चौहान मृत किशोरी के साथ भाग कर अंतरजातीय शादी करना चाहता था। जिसकी जानकारी मृतका के परिजनों को हुई। उन्होंने कथित सामाजिक प्रतिष्ठा बचाने के उद्देश्य से नाबालिग किशोरी की हत्या कर दी। इस हत्याकांड को अंजाम उसके चचेरा भाई और दादा-दादी के द्वारा कर दिया गया। शव को छुपाने के उद्देश्य से गांव के उत्तर पोखरा में फेंक दिया गया गया। यही नहीं उन लोगों ने गुमशुदगी का एक आवेदन भी थाने में दिया। किशोरी के शव बरामद होने के बाद उसकी हत्या का आरोप विवेक चौहान और उसके परिजनों पर लगाया गया।
एसडीपीओ ने बताया कि अनुसंधान के क्रम में उक्त घटना में ऑनर किलिंग की बात पाई गई। जिसके बाद सूक्ष्म अनुसंधान करते हुए अप्राथमिकी अभियुक्त चचेरे भाई राहुल कुमार उर्फ टीमल पासवान, रवि पासवान दोनों की उम्र 19 वर्ष, दादी भागमतिया देवी और दादा घूरा पासवान को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार सभी परिजनों द्वारा सामाजिक प्रतिष्ठा के कारण बच्चों की हत्या के बाद स्वीकार कर ली गई है। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
वहीं पहले से गिरफ्तार प्रेमी विवेक चौहान पर से हत्या और एससी-एसटी एक्ट का मामला हटा लिया जाएगा। उस पर सिर्फ पोक्सो एक्ट के तहत मामला चलेगा। साथ ही विवेक चौहान की मां और भाई को भी मामले से बरी कर दिया गया है।
इस घटना को उद्भेदन करने में साइबर थाना अध्यक्ष डीएसपी अनु कुमारी, एसआई शंभू कुमार, नवीनगर थाना अध्यक्ष मनोज कुमार पांडे, पुलिस अवर निरीक्षक नरेंद्र कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक राम इकबाल यादव और पुलिस अवर निरीक्षक जितेंद्र कुमार नवीनगर थाना शामिल हैं।



