औरंगाबाद, बिहार।
बिहार के औरंगाबाद जिले से इलाज के अभाव में सर्पदंश से मौत का मामला सामने आया है। सर्पदंश का शिकार हुआ युवक अस्पतालों के रेफर के खेल में जिंदगी गवा बैठा। मामला मदनपुर प्रखंड के भैया राम बीघा गांव की है। जहां सर्पदंश से पीड़ित एक 35 वर्षीय युवक को मदनपुर सीएससी में भर्ती कराया गया। जहां से उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया और सदर हॉस्पिटल औरंगाबाद से उसे मगध मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। रेफर के इस खेल में अंततः युवक की जान चली गई।
बताया जाता है कि मदनपुर प्रखंड के महुआवां पंचायत के भैयाराम बिगहा गांव में रामअवतार भुंइया के 35 वर्षीय पुत्र अनिल भुइयां को सांप ने काट लिया। वह अपने घर में जमीन पर सोया हुआ था इसी दौरान उसे सांप ने काट लिया। सर्पदंश के बाद युवक ने अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने सांप को मार दिया।

जिसके बाद आनन-फानन में परिजन अनिल भुंइया को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मदनपुर पहुंचा। जहां उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद रेफर कर दिया गया। सदर हॉस्पिटल औरंगाबाद में भी डॉक्टरों ने अनिल भुंइया को मगध मेडिकल कॉलेज गया रेफर कर दिया।
थक हार कर परिजनों ने झाड़ फूंक का सहारा लिया । लेकिन झाड़ फूंक काम नहीं आया और अंततः अनिल भुंइया की मौत हो गई।
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अनिल भुंइया की मौत के बाद से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। घर में वही एकमात्र कमाने वाला था। परिवार में अपने पीछे वह पत्नी ज्योति देवी और एकमात्र पुत्र को छोड़ गया है। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। जन अधिकार पार्टी के महासचिव विजय कुमार उर्फ गोलू यादव ने मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपए की तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि सर्पदंश के मामले में लोगों को मुआवजा नहीं मिल रहा है। इसे सुधारने की जरूरत है।



