औरंगाबाद, बिहार।
जिले के आकांक्षी प्रखंड देव के खरकनी पंचायत के पिपरा गांव में परिवार नियोजन पखवाड़ा के अंतर्गत ग्राम चौपाल लगाया गया। पीरामल फाउंडेशन के गांधी फ़ेलो आशीष सिंह ने परिवार नियोजन के बारे में अच्छे से बताया और ग्राम चौपाल में आये हुऐ लोगों को एवं परिवार नियोजन क्यों जरूरी है इसका परिवार तथा महिला के स्वास्थ्य पर क्या असर पढ़ता है इस पर विस्तार से चर्चा की गई। चौपाल में वार्ड सदस्य तथा अन्य योग्य दम्पति भी शामिल हुए।
इस दौरान इन बिंदुओं पर चर्चा की गई-
- परिवार नियोजन का मतलब है परिवार की योजना बनाना ।
- गर्भावस्था की योजना
- बच्चों के बीच अंतराल रखने के तरीके
- सुरक्षित मातृत्व के उपाय
- परिवार नियोजन के लाभ
पर चर्चा की गई।
जिसमें बताया गया कि इससे
स्वास्थ्य सुधार, आर्थिक स्थिरता एवम सम्पन्नता, संतुलित जनसंख्या, बेहतर शिक्षा और खुशहाल जीवन मिलता है।
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परिवार नियोजन के स्थाई एवं अस्थाई विधियों एव संसाधनों के बारे में भी बताया गया अगर कोई स्थाई साधन नहीं अपनाना चाहता तो वह अस्थाई साधन भी अपना सकता है। चौपाल में उपस्थित सभी महिलाओं एवं पुरुषों को परिवार नियोजन के सभी संसाधन के बारे में बताया गया जैसे कि निरोध, माला–एन, छाया, इजी–पिल, अंतरा, कॉपर–टी और पुरुष नसबंदी एव महिला बंध्याकरण के बारे मैं भी सभी को समझाया गया और परिवार नियोजन संसाधन अपनाने से पुरस्कार के रूप में मिलने वाली राशि के बारे में भी बताया गया। जिसमें कहा गया कि महिला बंध्याकरण 2000 रुपए, पुरुष नसबंदी 3000 रुपए मिलते हैं। चौपाल के अंत में सभी उपस्थित सदस्यों के साथ परिवार नियोजन अपनाने के लिए एक जागरूकता रैली भी निकाली गई ।
चौपाल में उपस्थित ,जीविका सीएम एवं जीविका सदस्य,आशा फैसिलेटर सुमन पाठक ,आशा पार्वती देवी,कृष्णामति देवी अन्य ग्रामीण स्त्री पुरूष उपस्थित थे।



