रिपोर्ट- नीलेश कुमार यादव
सासाराम, रोहतास, बिहार।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम 30 घंटे तक की रेस्क्यू ऑपरेशन।
बिहार के रोहतास जिले के नासरीगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत अतिम स्थित सोन नदी के ऊपर बने पुल के पिलर के बीच में फंसे 12 वर्षीय रंजन कुमार जिंदगी का जंग हार गया। विदित हो कि बुधवार के दिन 12:00 बजे से ही अतिमि गांव स्थित सोन नदी के ऊपर बने ओवर ब्रिज के पिलर के बीच में फंस गया था। चीखने चिल्लाने और रोने की आवाज सुनकर ग्रामीण और स्थानीय थाना तथा जिला प्रशासन मौके पर पहुंची थी। उक्त बालक खिरियाव गांव का शत्रुघ्न प्रसाद उर्फ भोला शाह का 12 वर्षीय पुत्र रंजन कुमार था जिसकी मानसिक स्थिति भी कमजोर थी। बुधवार की देर शाम मौके पर एसडीआरएफ की टीम पहुंची तथा देर रात एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची। पहले तो सड़क तोड़ने की कोशिश शुरू हुई परंतु बाद में ड्रिल मशीन से पिलर में होल की गई उसके बाद भी बृहस्पतिवार के दोपहर तक रंजन कुमार को नहीं निकली गई। शाम 4:00 बजे के आसपास पिलर के बगल के हिस्से को तोड़ा गया उसके बाद बेहोशी की हालत में12 वर्षीय रंजन को निकाला गया।

आनन फानन में अधिकारियों ने एंबुलेंस के सहारे रंजन कुमार को सासाराम सदर अस्पताल भेजा जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत्य घोषित कर दिया। विदीत हो की रंजन कुमार को बचाने को लेकर युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन की जा रही थी करीब तीस घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला।
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इसी क्रम में 40 से भी अधिक गैस सिलेंडर की बटल खत्म हो गई परंतु फिर भी रंजन कुमार जिंदगी का जंग हार गया।परिजनों ने आरोप लगाया कि अगर समय रहते रेस्क्यू ऑपरेशन कर पिलर के बगल के हिस्से को तोड़ा गया होता तो शायद रंजन आज जिंदा होता। रेस्क्यू ऑपरेशन के समय पु ल के पिलर के बगल के हिस्सा तोड़ते समय पल के ऊपर हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गई है जिस पर प्रशासन ने गाड़ी आने जाने पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी है।



