मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और चुनाव आयोग पर तेजस्वी ने साधा निशाना, बोले- बिहार में लोकतंत्र नहीं, राजतंत्र जैसी व्यवस्था चल रही।
औरंगाबाद। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने रविवार को औरंगाबाद शहर के गांधी मैदान में आयोजित विशाल जनसभा के जरिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान रफीगंज विधानसभा क्षेत्र से जदयू के दो बार विधायक रह चुके अशोक कुमार सिंह ने अपने हजारों समर्थकों के साथ राजद की सदस्यता ग्रहण की। तेजस्वी यादव ने उन्हें पार्टी में शामिल कराते हुए स्वागत किया।
सभा में उमड़ी भारी भीड़ के कारण गांधी मैदान में काफी देर तक राजनीतिक गहमागहमी बनी रही। बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं के हाथों में राजद के झंडे और गले में हरे गमछे नजर आए। सभा का माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में दिखाई दिया। तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन में राज्य सरकार की कार्यशैली, कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री पर हमला, महिला सुरक्षा को लेकर सरकार को घेरा
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार की जनता तानाशाही जैसी परिस्थितियों में जीने को विवश है। मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी ने ऐसा कोई उल्लेखनीय काम नहीं किया है, जिससे आम लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है और महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं।
तेजस्वी ने कहा कि महिलाओं को दिनदहाड़े छेड़खानी और दुष्कर्म जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अपराधियों के मन से कानून का भय समाप्त होता जा रहा है।
जमुई में नाबालिग बच्ची से जुड़ी घटना का जिक्र करते हुए तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया अकाउंट से पीड़िता की पहचान उजागर किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे गंभीर कानूनी और नैतिक मामला बताते हुए कहा कि कानून के तहत पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करना अपराध है। यदि ऐसा कोई सामान्य व्यक्ति करता तो उसके विरुद्ध पॉक्सो कानून के तहत कार्रवाई हो सकती थी।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब लोकतंत्र में कानून सभी के लिए समान है, तो मुख्यमंत्री के मामले में कार्रवाई क्यों नहीं हुई? तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बिहार में ऐसी व्यवस्था बन गई है, जहां सत्ता में बैठे लोगों की गलतियों पर कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के बजाय राजतंत्र जैसी स्थिति करार दिया।
हरे गमछे को लेकर मुख्यमंत्री पर तंज
अपने भाषण के दौरान तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कथित एआई आधारित बयान को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एआई के माध्यम से हरे गमछे वालों को पकड़ने की बात करते थे, लेकिन आज गांधी मैदान में हजारों की संख्या में हरे गमछे वाले कार्यकर्ता मौजूद हैं।
तेजस्वी ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि मुख्यमंत्री बताएं कि इतनी बड़ी संख्या में मौजूद लोगों में से कितनों को पकड़ेंगे। उन्होंने कहा कि आज की भीड़ देखकर उनका एआई भी काम करना बंद कर देगा।
इस बयान के जरिए तेजस्वी ने राजद के पारंपरिक राजनीतिक प्रतीक हरे गमछे को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने की कोशिश की।
चुनाव आयोग पर लगाया पक्षपात का आरोप
सभा में तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने बिहार सहित अन्य राज्यों में कराए गए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता नहीं बरती गई।
तेजस्वी ने कहा कि जिन राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया अपनाई गई, वहां भाजपा की जीत जनता के वास्तविक जनादेश के बजाय चुनाव आयोग की कथित भूमिका का परिणाम रही। उन्होंने दावा किया कि यदि बिहार में निष्पक्ष चुनाव हुए होते तो आज राज्य में राजद की सरकार होती।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए देश के साथ गद्दारी करने तक की बात कही। तेजस्वी ने कहा कि चुनाव आयोग को संवैधानिक जिम्मेदारियों का निर्वहन निष्पक्षता से करना चाहिए, लेकिन उसकी कार्यशैली पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं।
अशोक कुमार सिंह की राजद में वापसी, तेजस्वी ने बताया पुराना पारिवारिक रिश्ता
सभा का सबसे प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रम रफीगंज के पूर्व जदयू विधायक अशोक कुमार सिंह का राजद में शामिल होना रहा। तेजस्वी यादव ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाते हुए कहा कि अशोक सिंह का राजद और समाजवादी विचारधारा से पुराना संबंध रहा है।
उन्होंने उनके पारिवारिक राजनीतिक इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि अशोक सिंह के पिता रामाधार सिंह गुरुआ विधानसभा क्षेत्र से जनता दल के टिकट पर विधायक चुने गए थे। वे समाजवादी आंदोलन से जुड़े रहे और सामाजिक न्याय की राजनीति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
तेजस्वी ने अशोक कुमार सिंह के पार्टी में आने को पुराने राजनीतिक संबंधों की पुनर्स्थापना बताते हुए कहा कि उनके अनुभव और जनाधार से पार्टी को मजबूती मिलेगी।
‘कोठी का नहीं, झोपड़ी का राजपूत हूं’
राजद में शामिल होने के बाद पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह ने अपने संबोधन में सामाजिक न्याय और गरीबों के अधिकारों को अपनी राजनीति का आधार बताया। उन्होंने कहा, “मैं कोठी का नहीं, झोपड़ी का राजपूत हूं।”
उन्होंने कहा कि उनकी सामाजिक और राजनीतिक पहचान गरीबों, वंचितों और आम लोगों के बीच से बनी है। उनकी सक्रियता से कुछ कोठी वाले राजपूतों को परेशानी होती है, लेकिन वे इसे गलत मानते हैं।
अशोक सिंह ने कहा कि वे अल्पसंख्यक, दलित और पिछड़े समाज के लोगों को साथ लेकर चलने वाले कार्यकर्ता हैं। उनके लिए सभी जातियों और धर्मों के लोग समान हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने गरीबी को करीब से देखा है और गरीबों की समस्याओं तथा उनके दर्द को समझते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी विचारधारा से उनका जुड़ाव पुराना है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के साथ उनके आत्मीय संबंध रहे हैं और वे हमेशा उनके विचारों तथा राजनीतिक सिद्धांतों से प्रभावित रहे हैं।
नीतीश कुमार को लेकर भी साधा निशाना
अशोक कुमार सिंह ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि अब जदयू में नीतीश कुमार की पहले जैसी नहीं चल रही है।
उन्होंने कहा कि एक समय था जब नेता और कार्यकर्ता नीतीश कुमार से मिलने उनके आवास पर जाते थे, लेकिन अब परिस्थितियां बदल गई हैं। उनके अनुसार, अब सलाहकार और नए राजनीतिक सहयोगी नीतीश कुमार को लेकर विभिन्न नेताओं के घरों तक जा रहे हैं और उनसे मुलाकात करवा रहे हैं।
अशोक सिंह ने इसे नीतीश कुमार की राजनीतिक स्थिति में आए बदलाव के रूप में पेश करते हुए कहा कि नए सिपहसालारों ने उनकी स्थिति कमजोर कर दी है।
उन्होंने कहा कि वे अब अपने पुराने राजनीतिक घर में लौट आए हैं और जीवन के अंतिम क्षण तक राजद तथा समाजवादी विचारधारा के साथ रहेंगे।
मंच पर दिखी राजद के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी
गांधी मैदान में आयोजित सभा में राजद के कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मंच पर जहानाबाद के सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव, औरंगाबाद के सांसद अभय कुशवाहा, बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, पूर्व विधायक भीम कुमार यादव, ऋषि यादव, गोह विधायक अमरेंद्र कुशवाहा, विधान पार्षद सुनील कुमार सिंह सहित कई प्रमुख नेता उपस्थित थे।
इसके अलावा नवीनगर से राजद के पूर्व प्रत्याशी आमोद चंद्रवंशी, रफीगंज से राजद प्रत्याशी रहे गुलाम शाहिद समेत पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मंच पर मौजूद रहे।
सभा में जिला परिषद सदस्य शंकर यादवेंदु, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि संजय यादव, राजद प्रवक्ता डॉ. रमेश यादव, उदय उज्जवल, जिला परिषद सदस्य अनिल यादव, राजद महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष सुमन सिंह, जिला परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि सुबोध सिंह, अजय यादव, विजय यादव गोलू और इंजीनियर नीतीश यादव सहित अनेक नेता एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।
कार्यक्रम का संचालन राजद के कार्यकारी जिलाध्यक्ष अनिल टाइगर ने किया।
चुनावी तैयारी के संकेत के रूप में देखी जा रही सभा
औरंगाबाद के गांधी मैदान में तेजस्वी यादव की सभा में उमड़ी भीड़ और जदयू के पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह के राजद में शामिल होने को जिले की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
अशोक सिंह के साथ बड़ी संख्या में समर्थकों का राजद से जुड़ना पार्टी के लिए रफीगंज सहित आसपास के विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक मजबूती का संकेत माना जा रहा है। वहीं, तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में सरकार और चुनाव आयोग को निशाने पर लेकर आगामी राजनीतिक संघर्ष के मुद्दे भी स्पष्ट किए।
सभा में कार्यकर्ताओं का उत्साह और नेताओं के संबोधन का अंदाज ऐसा था, मानो गांधी मैदान में चुनावी शंखनाद हो रहा हो।
औरंगाबाद में तेजस्वी यादव की सभा, पूर्व JDU विधायक अशोक सिंह RJD में शामिल


