औरंगाबाद, बिहार।
जिला पदाधिकारी, औरंगाबाद अभिलाषा शर्मा द्वारा आज राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित कार्यों की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, जिले के सभी अंचल अधिकारियों (COs) एवं भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में दाखिल-खारिज, ऑनलाइन दाखिल-खारिज, जमाबंदी सुधार, सरकारी भूमि का सत्यापन, भूमि-संबंधी मामलों के निष्पादन तथा विभिन्न राजस्व सेवाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान दाखिल-खारिज एवं ऑनलाइन दाखिल-खारिज के मामलों की अंचलवार स्थिति की समीक्षा की गई। समीक्षा में लंबित मामलों, निर्धारित अवधि से अधिक समय से लंबित मामलों तथा निष्पादन की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों का नियमानुसार एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा अनावश्यक रूप से मामलों को लंबित न रखा जाए।
समीक्षा के अनुसार जिले में ऑनलाइन दाखिल-खारिज के कुल 16,546 मामलों में से 13,571 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है तथा कुल निष्पादन प्रतिशत 82 प्रतिशत रहा। जिलाधिकारी ने अंचलवार प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में जमाबंदी सुधारात्मक विवरण की भी समीक्षा की गई। जमाबंदी में नाम, विवरण एवं अन्य प्रविष्टियों से संबंधित लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि नागरिकों से संबंधित राजस्व अभिलेखों के सुधार के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर नियमानुसार निष्पादित किया जाए।
सरकारी भूमि के सत्यापन की समीक्षा के क्रम में जिले में कुल 1,16,205 प्लॉट के सत्यापन की स्थिति की समीक्षा की गई। उपलब्ध प्रगति के अनुसार 1,11,302 प्लॉट का CO स्तर पर सत्यापन किया जा चुका है तथा कुल सत्यापन प्रगति 95.8 प्रतिशत है। जिलाधिकारी ने शेष लंबित मामलों को शीघ्र पूरा करने तथा सत्यापन की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया।
बैठक में सरकारी भूमि के म्यूटेशन एवं भूमि संबंधी अन्य मामलों की भी समीक्षा की गई। कुल 4,260 मामलों की स्थिति की समीक्षा के दौरान लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन तथा भूमि अधिग्रहण, भूमि हस्तांतरण, भूमि बंदोबस्ती आदि से संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
इसके साथ ही बसैरा-02 अभियान की अंचलवार प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने भूमि आवंटन के पश्चात पर्चा अपलोड करने तथा लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया। अभियान के तहत जिले में कुल 2,706 सर्वेक्षण की समीक्षा की गई, जिसमें 1,706 पर्चे अपलोड किए जा चुके हैं।
बैठक में भू-समाधान पोर्टल* की प्रगति की भी समीक्षा की गई। पोर्टल पर प्राप्त कुल 2,609 आवेदनों में से 2,294 मामलों का अंतिम निष्पादन किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने शेष प्रक्रियाधीन मामलों का भी शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
सहयोग शिविर पोर्टल की समीक्षा के क्रम में जिले में प्राप्त कुल 3,265 आवेदनों में से 3,125 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है, जबकि 125 मामले लंबित हैं। जिलाधिकारी ने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देशित किया कि सहयोग शिविर के माध्यम से प्राप्त नागरिकों के आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें तथा लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए उन्हें शीघ्र निष्पादित करें।
जिलाधिकारी ने सभी अंचल अधिकारियों एवं DCLR को निर्देश दिया कि राजस्व एवं भूमि सुधार से संबंधित सेवाओं का लाभ आम नागरिकों को पारदर्शी, सुगम एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने विशेष रूप से लंबित मामलों की अंचलवार समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर मामलों के निष्पादन तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि राजस्व विभाग से संबंधित सभी पोर्टल एवं अभियानों में अद्यतन प्रविष्टि एवं प्रगति सुनिश्चित की जाए तथा जिन अंचलों में अपेक्षाकृत अधिक मामले लंबित हैं, वहां विशेष ध्यान देते हुए निष्पादन की गति बढ़ाई जाए।


