औरंगाबाद, बिहार।
पिरामल फाउंडेशन की जिला टीम ने बाल विकास परियोजना देव तथा कुटुंबा प्रखंड की 2 सी डी पी ओ, 12 मुख्य सेविका तथा 270 आंगनवाड़ी को माहवारी स्वच्छता पर प्रशिक्षण दिया।
प्रत्येक वर्ष 28 से 31 मई के बीच मासिक चक्र के दौरान स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम मनाया जाता है। मासिक धर्म के महत्व एवं उससे जुड़े मिथकों के प्रति सही जानकारी देकर जागरूक करने हेतु माहवारी स्वच्छता दिवस मनाया जाता है। मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को विशेष देखभाल और सफाई रखने की जरूरत होती है। सफाई सुनिश्चित नहीं होने के वजह से महिलाओं को कई प्रकार के इंफेक्शन और बीमारियों का सामना करना पड़ता है।
- स्वामी प्रपन्नाचार्य के सानिध्य में धुरिया में भागवत सप्ताह यज्ञ जारी, 17 अप्रैल को होगा पूर्णाहुति
- 2 वर्षों से पेयजल आपूर्ति बाधित, पंचायत प्रतिनिधियों ने डीएम से की शिकायत
- पुस्तक, ड्रेस और री एडमिशन के नाम पर प्राइवेट स्कूलों की नहीं चलेगी मनमानी, जारी करना होगा प्रकाशक की लिस्ट
- बॉक्सिंग खिलाड़ी नित्या पांडे का चयन एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप के लिए
- संजना ने बढ़ाया जिले का मान, बिहार बोर्ड में लाया 90 प्रतिशत अंक
पिरामल फाउंडेशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक जितेन्द्र श्रीवास्तव व विश्वास ने बताया कि मासिक धर्म की जानकारी एक महत्वपूर्ण जानकारी है, जो कि समाज के हर किशोरियों को मिलनी चाहिये। जब किशोरियां जागरूक होंगी, तभी समाज को बदलने का काम कर कर पाएंगी। प्रत्येक गाँव की आगनवाड़ी कार्यकर्ता को प्रशिक्षण देने का मुख्य कारण यही है कि वो किशोरियों के साथ बैठक कर उनको मासिक धर्म के प्रति जागरूक कर सकेंगी।


