औरंगाबाद, बिहार।
औरंगाबाद- सरकार द्वारा आए दिन जागरूकता फैलाने के बावजूद सर्पदंश में ओझा गुनी के पास जाने का मामला थम नहीं रहा है। इसके साथ ही सर्पदंश से मौत का मामला भी थम नहीं रहा है। ताजा मामला मदनपुर थाना क्षेत्र का है। जहां एक 13 वर्षीय किशोर को छत पर सोते समय सांप ने डस लिया। सांप डसने के बाद किशोर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की बजाय परिजनों ने झाड़-फूंक करने वालों के पास ले गए। जहां उसकी मौत हो गई है। मृतक की पहचान 13 वर्षीय किशोर राहुल कुमार के रूप में की गई है।
बताया जाता है कि मदनपुर थाना क्षेत्र के महुआवां टोले टिकरी गांव निवासी मुकेश चौधरी के 13 वर्षीय पुत्र राहुल कुमार उर्फ गोलू देर रात घर की छत पर सोया हुआ था। इसी दौरान उसे विषैले सर्प ने डस लिया।
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सर्पदंश के बाद उसके परिजनों ने झाड़फूंक के लिए बारुण थाना क्षेत्र के सिलौंजा गांव में ले गए । जब उसकी तबीयत बिगड़ने लगी तो झाड़-फूंक के लिए पुनः फेसरा गांव ले जाया गया ले जाया गया। यह क्रम सुबह 10 बजे तक चलता रहा। जब तबीयत काफी बिगड़ गई तो उसके परिजन सीएचसी मदनपुर में इलाज के लिए ले गए। जहां ड्यूटी पर रहे चिकित्सकों ने नब्ज टटोलते ही उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गांव में मातम पसर गया है। मां गुलाबी देवी का रो रो कर बुरा हाल है। मृतक माता-पिता का इकलौता पुत्र था। मृतक के पिता मुंबई में एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि मृत किशोर मध्य विद्यालय चट्टी में आठवीं कक्षा का छात्र था।

सीएचसी मदनपुर में डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद परिजन उसे मदनपुर थाना क्षेत्र के ही वार गांव में स्थित बकस बाबा मंदिर ले गए। लेकिन वहां भी कोई चमत्कार नहीं हो सका।
मदनपुर पीएचसी में कार्यरत डॉ विजयानन्द ने बताया कि सर्पदंश की स्थिति में तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचना चाहिए। मृत किशोर के अभिभावक समय पर पीएचसी नहीं पहुंचे। काफी समय बीत जाने के बाद उसे मृत अवस्था में हॉस्पिटल लेकर आये थे। अगर किशोर को समय रहते हॉस्पिटल लाया जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। इस घटना पर जिला परिषद सदस्य शंकर यादवेंदु ने दुःख प्रकट करते हुए जिला प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है।



