औरंगाबाद, बिहार।
राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा गठबंधन के 23 जून को विपक्षी दलों के महागठबंधन की बैठक पर जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक के नेता संदीप सिंह समदर्शी में कहा कि महागठबंधन के मिशन की सफलता के लिए छोटे-छोटे दलों को जोड़ने की आवश्यकता है।
23 जून को पटना में जो बैठक और पहल हो रही है, यह सार्थक और देश की राजनीति को एक नई दिशा देगी। लेकिन महागठबंधन के नेताओं को इस बात को देखना होगा कि बिहार समेत अन्य राज्यों में जो छोटे-छोटे दल हैं, वे भी अपना आधार रखते हैं और उनका भी जनता के बीच में पैठ है। उनकी इस बड़े गोलबंदी में कोई भूमिका का नहीं होना कहीं ना कहीं भाजपा के खिलाफ मजबूत गठबंधन बनाने का जो संकल्प है, उसमें रुकावट आ सकती है। जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) सुश्री कुमारी मायावती की बहुजन समाज पार्टी और असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम को तवज्जो नही देना नुकसानदेह साबित हो सकता है।
- स्वामी प्रपन्नाचार्य के सानिध्य में धुरिया में भागवत सप्ताह यज्ञ जारी, 17 अप्रैल को होगा पूर्णाहुति
- 2 वर्षों से पेयजल आपूर्ति बाधित, पंचायत प्रतिनिधियों ने डीएम से की शिकायत
- पुस्तक, ड्रेस और री एडमिशन के नाम पर प्राइवेट स्कूलों की नहीं चलेगी मनमानी, जारी करना होगा प्रकाशक की लिस्ट
- बॉक्सिंग खिलाड़ी नित्या पांडे का चयन एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप के लिए
- संजना ने बढ़ाया जिले का मान, बिहार बोर्ड में लाया 90 प्रतिशत अंक
चूंकि कोशी और सीमांचल में जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक और एआईएमआईएम तो उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों बसपा मजबूत स्थिति में है। वहीं आंध्रप्रदेश सहित अन्य राज्यों में ओवैसी को नजरअंदाज करना महागठबंधन कमजोर और अन्य विपक्षी एकता की मुहिम कमजोर पड़ सकता है।



