औरंगाबाद (राजेश रंजन)। जिले के दाउदनगर अनुमंडलीय अस्पताल में पटना से आई विजिलेंस की टीम ने छापामारी की है। इस छापामारी में प्रधान लिपिक 2 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार हुआ है। प्रधान लिपिक पर जी एन एम कर्मियों से वेतन निकासी और छुट्टी के बदले पैसे मांगने का आरोप था। विजिलेंस के टीम में आरोपों को सत्य पाया और इसके बाद छापेमारी की। छापेमारी में प्रधान लिपिक 2 हजार रूपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। गिरफ्तार लिपिक को टीम अपने साथ पटना लेकर गई है।
औरंगाबाद जिले के दाउदनगर में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना की टीम ने अनुमंडलीय अस्पताल में छापेमारी कर प्रधान लिपिक बृजमोहन लाल को दो हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई निगरानी डीएसपी आदित्य राज के नेतृत्व में की गई। निगरानी डीएसपी आदित्य राज ने बताया कि स्टाफ नर्स अर्चना कुमारी द्वारा शिकायत की गई थी कि अटेंडेंस बनाने के नाम पर तीन हजार रुपए रिश्वत की मांग की जा रही है। रिश्वत की राशि दो हजार रुपए तय हुई। इसका सत्यापन कराया गया और सत्यापन के बाद छह सदस्यीय टीम ने छापेमारी करते हुए लिपिक बृजमोहन लाल को गिरफ्तार किया। ये स्थापना का कार्य भी देखते हैं। एक सवाल के जवाब में निगरानी डीएसपी ने कहा कि जांच के दौरान यह भी मामला सामने आया है कि यहां छोटे-छोटे एमाउंट के रूप में लगातार पैसे लिए जा रहे हैं। छुट्टी देने ,अटेंडेंस रजिस्टर पर साइन कराने जैसे कामों के लिए छोटे-छोटे एमाउंट की मांग की जाती है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना से दल के नेतृत्व कर रहे विजिलेन्स डीएसपी आदित्य प्रकाश ने बताया कि परिवादिनी अर्चना कुमारी द्वारा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो बिहार पटना के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराया गया था कि आरोपित द्वारा 24 अक्टूबर 2025 से दो नवंबर 2025 तक अवकाश आवेदन देने के पश्चात अवकाश उपभोग कर कार्यालय आने पर उनसे और स्टाफ नर्स जूली के अवकाश के दिनों का हाजिरी बनवाने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही है। जबकि अवकाश के दिनों का वेतन भुगतान किया जा चुका है। ब्यूरो द्वारा प्राप्त शिकायत का सत्यापन कराया गया एवं सत्यापन के क्रम में प्रधान लिपिक द्वारा रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण पाया गया। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर के पश्चात 15 जनवरी 2026 को निगरानी थाना कांड संख्या 09/26 दर्ज करते हुए अनुसंधान कर्ता निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के पुलिस उपाधीक्षक आदित्य राज्य के नेतृत्व में एक धावा दल का गठन किया गया। धावा दल द्वारा सोमवार को कार्रवाई करते हुए लिपिक बृजमोहन लाल को दो हजार रुपए रिश्वत लेते उनके कार्यालय कक्ष से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त से पूछताछ के बाद विशेष न्यायालय निगरानी पटना में उपस्थापित किया जाएगा. अग्रतर अनुसंधान की कार्रवाई की जा रही है।
वहीं शिकायतकर्ता स्टॉफ नर्स अर्चना कुमारी ने बताया कि अनुमंडलीय अस्पताल में पैसों का लेनदेन में न सिर्फ लिपिक बल्कि हॉस्पिटल मैनेजर और उपाधीक्षक भी शामिल हैं और वे लोग कर्मचारियों पर पैसे देने का दबाव बनाती हैं।



