Sunday, March 15, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

अविभाजित बिहार में उच्च शिक्षा की लौ जलाने वाले शेरे बिहार रामलखन यादव की मनाई गई जयंती

औरंगाबाद(राजेश रंजन )। अविभाजित बिहार जहां प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय में जाना ही एक सपना हुआ करता था, वैसे पिछड़े क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की लौ जलाने वाले, लगभग सभी जिला मुख्यालय पर उच्च शिक्षा हेतु महाविद्यालय स्थापित करने वाले, पूर्व केंद्रीय मंत्री और शेरे बिहार के नाम से मशहूर राम लखन सिंह यादव को याद किया गया। सोमवार को उनकी जयंती के अवसर पर औरंगाबाद जिला मुख्यालय में स्थित राम लखन सिंह यादव कॉलेज के प्रांगण में उनकी याद में एक समारोह का आयोजन किया गया। जहां सैकड़ो की संख्या में बुद्धिजीवी कार्यक्रम में शामिल होकर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की है। कार्यक्रम के सूत्रधार रहे शिक्षक संतोष कुमार ने बताया कि राम लखन बाबू ने पूरे अविभाजित बिहार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव किए थे। जहां उन्होंने प्रयास किया कि हर जिला मुख्यालय पर एक-एक महाविद्यालय हो, जिससे कि वंचित तबकों को उच्च शिक्षा हेतु प्रेरित किया जा सके।


आयोजित जयंती समारोह में अतिथियों ने राम लखन बाबू के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। सभी प्रमुख वक्ताओं ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया और कहा कि रामलखन बाबू के आदर्शों को आत्मसात कर ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। हम रामलखन बाबू के पद चिन्हों को अंगीकार करते हुए समाज का विकास करेंगे और समाज की सभी जाति एवं धर्म के लोगों को साथ लेकर समरस समाज और राष्ट्र का निर्माण करेंगे। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि राम लखन बाबू ने महात्मा गांधी के आह्वान पर 1942 के अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय होकर अंग्रेजों के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद किया। इस दौरान उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा। उन्होंने पालीगंज विधानसभा का 1952 से 1957 तथा 1962 से 1967 तक प्रतिनिधित्व किया। 1963 से 1967 तक बिहार सरकार में केबी सहाय के मंत्रिमंडल में लोक निर्माण मंत्री बने। 1994 से 1996 तक केंद्र के नरसिम्हा राव सरकार में रसायन एवं उर्वरक मंत्री बने। बिहार में शिक्षा क्रांति का श्रेय राम लखन सिंह यादव को जाता है। बिहार के सभी जिलों में स्कूल कॉलेज खोलकर समाज के सभी वर्ग के छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान किए थे। राम लखन बाबू कोई व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचारधारा थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अनिल माथुर और संचालन शिक्षक डॉ संतोष यादव ने किया। जयंती कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बिहार सरकार के पूर्व मंत्री सुरेश पासवान, विशिष्ट अतिथि जेपी सेनानी अजय कुमार श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार सिंह, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, अमोद चंद्रवंशी, सिद्धेश्वर विद्यार्थी, सुबोध कुमार सिंह, जिला पार्षद सुरेंद्र यादव, डॉ रमेश यादव, मुखिया संजय यादव, गोरडिहा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि नगेंद्र सिंह, संजीत यादव, अजय यादव, श्यामता प्रसाद, तुलसी यादव, मुखिया बृजमोहन यादव, चंचला कुशवाहा, सबिता देवी, पूनम देवी, चन्द्रीप राम सहित बड़ी संख्या लोग मौजूद रहे।

देखें वीडियो –
editor
editorhttps://hindexpressnews.com
हिन्दी की भाषाई शुद्धता को बरकरार रखते हुए क्षेत्रीय खबरों को आप तक पहुंचाने का एकमात्र जरिया है।

Popular Articles

error: Content is protected !!