औरंगाबाद, बिहार। अंबा थाना की पुलिस वाहन जांच के नाम पर अब दादागिरी पर उतर आई है। सोमवार को अंबा थाना में पदस्थापित दारोगा नारायणी शिवम और एएसआई औरंगजेब खान के द्वारा वाहन जांच किया जा रहा था। इसी दौरान एक स्विफ्ट डिजायर औरंगाबाद से हरिहर गंज जा रहा था। वाहन में एक संभ्रांत महिला अपने बेटे के साथ बैठी हुई थी।
वर्दी के हनक में दोनों पुलिसकर्मियों ने वाहन को रुकवाया। तभी महिला दारोगा ने वाहन में बैठी सभ्रांत महिला को असभ्यता से पेश आते हुए गाड़ी से उतरने को कहा। महिला ने कहा कि आप सारे कागजात की जांच कर लीजिए। अगर आपको लगता है कि कही गाड़ी के कागजात में कोई गड़बड़ी है। उसका चालान काटिए। इतने में महिला दारोगा गाली गलौज पर उतर आई और उक्त संभ्रांत महिला की उसके बेटे एवं चालक के सामने बेइज्जती कर दी।
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महिला पुलिस की उक्त हरकत देखकर आस पास लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और लोग महिला पुलिसकर्मी को ऐसा करने से मना भी किया। मगर वर्दी की गर्मी ने उसके आंख को अंधा बना दिया था। वह किसी भी कीमत पर अपनी गलती मानने को तैयार नहीं थी। तभी किसी के द्वारा इसका वीडियो बनाया जाने लगा। लेकिन दारोगा द्वारा मोबाइल छीनने की कोशिश की गई। मामला जब काफी हद तक बढ़ गया तो इसकी सूचना एसडीपीओ सदर संजय पांडे को इसकी सूचना दी गई।
पूरे मामले की जानकारी मिलते ही उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि महिला पुलिस पूर्व में भी अपनी इन्हीं आदत को लेकर चर्चे में रही है। अगर पुलिसकर्मियों की स्थिति यही रही तो पुलिस और पब्लिक के बीच संबंध को सुधारने का प्रयास सिर्फ कागज पर ही होता समझा जायेगा। फिर तो पुलिस को परिभाषित करने वाला शब्द पुरुषार्थी, लिप्सा रहित और सहयोगी का कोई मतलब ही नहीं रह जाएगा।



